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मेरी स्मृतियों के...
उस गोल चक्कर के पास...
अब भी जलती है होली ..
और..
ढोल की थाप पर ...
रात भर नाचते हैं ...
भूले बिसरे ...
अल्हड युवा स्वप्न...
और अलाव के पास....
अब भी ..
उंघती आँखें ..
रात भर...
.. बतियाती ..
अनायास...
यूँ ही हँसती हैं ..
और फिर...
हर सुबह....
तुम चुपचाप...
दबे पाँव ..
पीछे से आती...
खिलखिलाती ...
टेसू के रंगों सी..
स्नेह से सरोबार कर जाती हो ..
और दर्पित मैं...
यूँ ही भागता हूँ ...
तुम्हे छूने को ...
पर कभी नहीं छू सका में ...
आह प्रिये !!!
इस विराम संधि पर...
गालों पर मले गुलाल....
लाजवंती मुस्कान लिए....
मेरे ह्रदय द्वार पर ...
क्यों ..???
अब तक ...
ठिठकी सी ..
खड़ी हो तुम ..
और मैं..
बेदम चुपचाप ..
थका थका सा ..
टकटकी लगाये ..
अपलक ..
देखता हूँ उस देहरी को ..
जहाँ से...
पत्थरों के इस शहर में..
मुझे ...
एक निर्जीव पुतला समझ..
गुजरे वक्त की तरह ..
कभी लौट कर...
नहीं आई तुम...
काश !!! एक बार ...
सिर्फ एक बार ...
लौट कर मेरी आँखों में...
झाँक कर तो देखा होता...
श्रीप्रकाश डिमरी... जोशीमठ ..५ -९-२०१०....

25 comments:
ब्लाग जगत की दुनिया में आपका स्वागत है। आप बहुत ही अच्छा लिख रहे है। इसी तरह लिखते रहिए और अपने ब्लॉग को आसमान की उचाईयों तक पहुंचाईये मेरी यही शुभकामनाएं है आपके साथ
‘‘ आदत यही बनानी है ज्यादा से ज्यादा(ब्लागों) लोगों तक ट्प्पिणीया अपनी पहुचानी है।’’
हमारे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।
मालीगांव
साया
लक्ष्य
हमारे नये एगरीकेटर में आप अपने ब्लाग् को नीचे के लिंको द्वारा जोड़ सकते है।
अपने ब्लाग् पर लोगों लगाये यहां से
अपने ब्लाग् को जोड़े यहां से
कृपया अपने ब्लॉग पर से वर्ड वैरिफ़िकेशन हटा देवे इससे टिप्पणी करने में दिक्कत और परेशानी होती है।
प्रभावशाली रचना के लिए बधाई
अच्छी रचना, बधाई
विजय दशमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं.
अच्छी रचना, बधाई|
sundar rachna.meri shubhkaamnaayen.
achchi lagi kavita
हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपने बहुमूल्य विचार व्यक्त करने का कष्ट करें
भावपूर्ण प्रस्तुति.आभार!
bahut bhaavpurn abhivyakti aur komal ..shabd is tarah se piroye hai jyoo mala me moti ... bahut sundar...Shubhkamnaayen...
इस सुंदर नए से चिट्ठे के साथ आपका हिंदी ब्लॉग जगत में स्वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!
मन के भावों को सुन्दर शब्द दिए हैं ...लय और गति दोनों दिखती है रचना में ...
संगीता स्वरुप जी ..उत्साह वर्धन के लिए आभार ..सादर अभिन्दन
संगीता पूरी जी ..उत्साह वर्धन एवं शुभ कामनाओं के लिए कोटि कोटि आभार...सादर
नूतन जी ..हार्दिक आभार...कोटि कोटि अभिन्दन..
डॉक्टर आलोक जी कोटि कोटि अभिन्दन !!!
Shri bhai ji aap ke blog me aap ki sundar sundar rachnaye padhkar achha laga..
Ati sundar bharata shri.. sadar..
सभी आदरणीय विद्वान मित्रों का हार्दिक अभिनन्दन.....
विनोद जी ..कोटि कोटि अभिन्दन...
bahut badiya!
शनिवार १७-९-११ को आपकी पोस्ट नयी-पुरानी हलचल पर है |कृपया पधार कर अपने सुविचार ज़रूर दें ...!!आभार.
बहुत ही बढ़िया लिखा है सर।
सादर
बहुत ही अच्छी प्रस्तुति ।
bhaut hi khubsurat....
वाह वाह...
अत्यंत कोमलता से उकेरे हैं आपने भावों को....
सादर बधाई...
नई पुरानी हलचल से आपकी पोस्ट पर आना हुआ.
मन अभिभूत हो गया है आपकी भावपूर्ण प्रस्तुति
को पढकर.
बहुत बहुत आभार.
मेरे ब्लॉग पर आईयेगा.
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